छत्तीसगढ़

गैंगस्टर सुनील मीणा उर्फ मयंक सिंह अज़रबैजान से गिरफ्तार, जल्द लाया जाएगा रायपुर

Shantanu Roy
25 Nov 2025 11:26 PM IST
गैंगस्टर सुनील मीणा उर्फ मयंक सिंह अज़रबैजान से गिरफ्तार, जल्द लाया जाएगा रायपुर
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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की है। गैंगस्टर अमन साव का करीबी और उसके नेटवर्क का सक्रिय संचालक सुनील मीणा उर्फ मयंक सिंह को अज़रबैजान से गिरफ्तार कर लिया गया है। भारतीय एजेंसियों ने इंटरपोल (INTERPOL) की मदद से उसे हिरासत में लिया है। अब जल्द ही उसे भारत लाकर रायपुर में पेश किया जाएगा। इसके लिए CJM कोर्ट रायपुर ने प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिया है। पुलिस के अनुसार मयंक सिंह के खिलाफ धरसिवा थाना क्षेत्र में दर्ज गंभीर FIR के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उसके भारत पहुंचते ही रायपुर पुलिस उसे कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में प्रस्तुत करेगी।
अमन साव के एनकाउंटर के बाद मयंक ही संभाल रहा था गैंग
मार्च 2025 में हुए एनकाउंटर में गैंगस्टर अमन साव मारा गया था, जिसके बाद उसका पूरा नेटवर्क संभालने का काम सुनील मीणा उर्फ मयंक सिंह ने किया।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि—
मयंक लॉरेंस बिश्नोई गैंग से भी जुड़ा हुआ था।
वह अमन साव और बिश्नोई गैंग के बीच लिंक का काम करता था।
अमन के मरने के बाद, गैंग की कमान मयंक के हाथों में थी।
वह लगातार विदेश से नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था और पुलिस से बचने के लिए फर्जी पहचान और नए लोकेशन का उपयोग कर रहा था।
छत्तीसगढ़ पुलिस के निशाने पर लंबे समय से यह गैंग था क्योंकि यह प्रदेश में एक्सटॉर्शन, धमकी, हथियारों की सप्लाई और संगठित अपराध से जुड़ा था।
अमन साव की गिरफ्तारी से एनकाउंटर तक की कहानी
अमन साव को अक्टूबर 2024 में एक प्रोडक्शन वारंट के आधार पर रायपुर लाया गया था।
मार्च 2025 में उसे झारखंड वापस ले जाया जा रहा था, तभी उसने पुलिस काफिले से भागने की कोशिश की। इसी दौरान हुई जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।
पुलिस को तब से शक था कि अमन के मारे जाने के बाद सुनील मीणा ही नेटवर्क को संभाल रहा है। इसके बाद से ही उसके खिलाफ सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया था।
इंटरपोल ऑपरेशन: कैसे पकड़ा गया मयंक?
इंटरपोल के रेड नोटिस और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से—
मयंक अज़रबैजान में छिपा हुआ मिला।
लोकेशन कन्फर्म होते ही वहां की एजेंसियों ने भारतीय अधिकारियों के अनुरोध पर उसे हिरासत में लिया।
आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद अब उसे भारत भेजा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, यह गिरफ्तारी रायपुर पुलिस और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की कई महीनों की संयुक्त निगरानी का परिणाम है।
रायपुर में होगी कड़ी पूछताछ
भारत आने के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस मयंक से—
गैंग के फाइनेंशियल नेटवर्क
हथियार सप्लाई चेन
लॉरेंस–अमन कनेक्शन
प्रदेश के भीतर व बाहर के सहयोगियों
जैसे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ करेगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मयंक की गिरफ्तारी से अमन साव गैंग का नेटवर्क पूरी तरह कमजोर पड़ गया है और आगे कई और बड़े खुलासे संभव हैं।
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